हममें से कई लोग रात में जल्दी सो नहीं पाते। करवट बदलते रहते हैं। नतीजा, नींद पूरी नहीं होती और सुबह उठकर फिर से काम में लग जाते हैं और इसके बाद पूरे दिन सुस्ती और आलस महसूस होता रहता है। जाहिर सी बात है इसका असर परफॉर्मेंस पर भी पड़ेगा। कभी -कभी नींद ना आना आम है, लेकिन लगातार आपके साथ यह स्थिति बन रही है, तो जरूर सोचना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।विशेषज्ञ कहते हैं कि नींद न आने का कारण जाने बगैर समस्या का समाधान करना मुश्किल है। दरअसल, हमारा शरीर हमारे स्वास्थ्य के लिए कम्यूनिकेट करता है और हमारी खराब नींद का संकेत देता है। लेकिन कई बार हम इन संकेतों पर ध्यान नहीं देते। इसलिए यहां हम आपको ऐसे 7 जरूरी संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो खराब नींद के लिए जिम्मेदार हैं।यदि आपको रात में सोने में कठिनाई होती है, तो आपको इसके संकेतों को जानना बहुत जरूरी है। इन संकेतों से अवगत होने के बाद आप काफी हद तक नींद में सुधार कर सकेंगे।

हममें से कई लोग रात में जल्दी सो नहीं पाते। करवट बदलते रहते हैं। नतीजा, नींद पूरी नहीं होती और सुबह उठकर फिर से काम में लग जाते हैं और इसके बाद पूरे दिन सुस्ती और आलस महसूस होता रहता है। जाहिर सी बात है इसका असर परफॉर्मेंस पर भी पड़ेगा। कभी -कभी नींद ना आना आम है, लेकिन लगातार आपके साथ यह स्थिति बन रही है, तो जरूर सोचना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि नींद न आने का कारण जाने बगैर समस्या का समाधान करना मुश्किल है। दरअसल, हमारा शरीर हमारे स्वास्थ्य के लिए कम्यूनिकेट करता है और हमारी खराब नींद का संकेत देता है। लेकिन कई बार हम इन संकेतों पर ध्यान नहीं देते। इसलिए यहां हम आपको ऐसे 7 जरूरी संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो खराब नींद के लिए जिम्मेदार हैं।
सोने से पहले व्यायाम करना-

आमतौर पर माना जाता है कि रात में व्यायाम करना अच्छा होता है। हालांकि अध्ययनों के अनुसार, रात में व्यायाम करने से आपकी हार्ट रेट पर बुरा असर पड़ता है, जो आपकी
स्लीप साइकिल को डिस्टर्ब करने का मुख्य कारण
है। इतना ही नहीं, रात में वर्कआउट करने से स्ट्रेस हार्मोन रिलीज होते हैं और अगर आप जिम में वर्कआउट कर रहे हैं, तो यहां चमकने वाली तेज रोशनी मेलाटोनिन यानी स्लीप हार्मोन को बनने से रोकती है, जिससे आपको कई रातें करवटें बदलते हुए गुजारनी पड़ सकती हैं।
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तनाव में रहना

हर वक्त तनाव और चिंता से घिरे रहने की वजह से भी नींद नहीं आती। बहुत से लोग जब पूरी तरह से फ्री होते हैं, तो उन्हें किसी न किसी बात को लेकर चिंता होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार, चिंता और तनाव आपके मन और शरीर को सोने पर से आपका ध्यान हटा सकती है।
तनाव के स्तर को कम करने के लिए
रोजाना योग या ध्यान करना बहुत फायदेमंद है। ऐसा करने से आपको लेटते ही नींद आ जाएगी।
कमरे का तापमान

भी आपकी नींद को डिस्टर्ब करने वाले कारकों में से एक है। स्वस्थ नींद के लिए आरामदायक वातावरण जरूरी है। कमरा अगर गर्म है, तो यह आपके बॉडी टेम्प्रेचर को बढ़ाता है, जिससे आपके लिए सोना कठिन हो जाएगा। इसी तरह ठंडे कमरे से भी असुविधा हो सकती है। इसलिए ध्यान रखें कि आपके बेडरूम का तापमान सामान्य रहे, ताकि आप गहरी नींद ले पाएं।
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देर रात को स्नैक्स करना

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। सोते समय स्नैकिंग आपकी नींद के हार्मोन का उत्पादन करने की क्षमता को बदल सकता है, जिस वजह से नींद तो टूटती ही है साथ ही ध्यान भी भटक जाता है। नींद न आने की यह समस्या अगर ज्यादा समय तक रहे, तो आपके लिए अवसाद और बढ़ते वजन को कंट्रोल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
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कमरे में ज्यादा रोशनी होना

नींद के दौरान कमरे में बहुत ज्यादा तेज रोशनी के कारण मास्तिष्क के लिए गहरी अवस्था में आराम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रोशनी आपकी प्राकृतिक नींद और जागने के चक्र को नियंत्रित करती है। देखा जाए, तो मोबाइल से निकले वाली नीली रोशनी भी खराब नींद का एक अन्य कारण है। यह रोशनी मेलाटोनिन को दबा सकती है, जिससे रात में सोने की क्षमता बहुत कम हो जाती है। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा कम रोशनी वाले कमरे में सोने का सुझाव देते हैं।
सोते समय कॉफी पीना-

कई लोगों को रात में सोने से पहले कॉफी पीने की आदत होती है। न पीएं, तो सोने में मुश्किल होती है। लेकिन सच तो ये है कि कैफीन के अधिक सेवन से नींद पूरी तरह से डिस्टर्ब हो जाती है। एक कप कॉफी बॉडी क्लॉक को बाधित कर देती है। इससे व्यक्ति को रात-रातभर जागना पड़ता है और नींद आ भी जाए, तो बुरे सपने आने लगते हैं। इसलिए जिन लोगों को बहुत जल्दी नींद नहीं आती, उन्हें रात में सोने से पहले कॉफी पीने से बचना चाहिए।
नींद की बीमारी

स्लीप डिसऑर्डर जैसे रेस्टलैस लैग्स सिंड्रोम, जेट लैग और इंसोमनिया आपको सोने से रोक सकती हैं। अगर आप वाकई एक अच्छी नींद लेना चाहते हैं, तो हेल्दी डाइट लें और इन विकारों से निपटने के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट की प्रेक्टिस करें। प्रभावी उपचार के लिए आप डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं।
अब जब आप नींद खराब करने वाले कारकों के बारे में जान गए हैं, तो इनसे सावधान रहें। अपनी जीवनशैली और खाने की आदतों में सुधार करने से आप अच्छी और सुकून की नींद ले सकेंगे।
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