आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि चीनी और से बनी चीजें ही डायबीटीज के रिस्क को बढ़ाती हैं। लेकिन अब एक में यह बात सामने आयी है कि ड्रिंक्स जैसे फलों का रस पीने से भी मरीजों में का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस नई स्टडी को डायबीटीज केयर नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया है। नैचरल शुगर से भी डायबीटीज का खतरा इस स्टडी की मानें तो डायट सॉफ्ट ड्रिंक जिसमें आर्टिफिशल शुगर होता है उससे तो टाइप 2 डायबीटीज होने का खतरा रहता ही है लेकिन प्राकृतिक रूप से मीठी चीजें जिनमें नैचरल शुगर पाया जाता है उनका सेवन करने से भी भविष्य में डायबीटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। हार्वर्ड टी एच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की मानें तो चीनी वाले पेय पदार्थों की जगह अगर आप बिना चीनी वाली कॉफी या चाय का सेवन करें तो टाइप 2 डायबीटीज के खतरे को 2 से 10 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। 3 अलग-अलग स्टडीज के डेटा की जांच की गई इस स्टडी में पिछले 22 से 26 साल के बीच के डेटा की 3 अलग-अलग स्टडीज के जरिए जांच की गई जिसमें- नर्सेज हेल्थ स्टडी, द नर्सेज हेल्थ स्टडी 2 और द हेल्थ प्रफेशनल्स फॉलोअप स्टडी शामिल है। इसके लिए 1 लाख 92 हजार से भी ज्यादा पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया। इन स्टडीज के जरिए अनुसंधानकर्ताओं ने यह कैल्क्युलेट करने की कोशिश की कि मीठे पेय पदार्थों का सेवन करने पर समय के साथ शरीर पर कैसा असर होता है और टाइप 2 डायबीटीज का खतरा कितना रहता है। नैचरल जूस का सेवन भी कंट्रोल में रहकर करें स्टडी के नतीजे यह भी दिखाते हैं कि नैचरल शुगर भी टाइप 2 डायबीटीज के खतरे को कम नहीं करती है। अनुसंधानकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि नैचरल जूस में पोषक तत्वों की मात्रा अच्छी खासी होती है लेकिन उनका सेवन में बेहद कम करना चाहिए वरना डायबीटीज के बढ़ने की आशंका रहती है।
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