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Wednesday, October 9, 2019

डेटिंग ऐप के चलते Gay लोगों में बढ़ रहा है Weight Stigma

हालही हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि एलजीबीटीक्यू कम्यूनिटी के बीच एक डेटिंग ऐप वेट स्टिग्मै को बढ़ा रही है। यानी पुरुष अपने वेट और बॉडी शेप को लेकर जरूरत से अधिक कॉन्शस हो रहे हैं। इससे वे एक तरह के मानसिक दबाव का शिकार हो रहे हैं। यह स्टडी न्यू वाटरलू यूनिवर्सिटी में की गई। रिसर्च में सामने आया है कि आंकड़ों के हिसाब से देखें तो हर चार में से तीन समलैंगिग पुरुष इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं और अपनी बॉडी और वजन को लेकर चिंताग्रस्त हो रहे हैं। समलैंगिक लोगों के बीच ग्रिंडर ऐप खासी लोकप्रिय है। इस ऐप को ध्यान में रखकर हुई हालिया रिसर्च के लीड ऑर्थर इरिक फिलिस के अनुसार 'पिछले एक दशक में डेटिंग ऐप्स ने लोकप्रियता के आसमान को छू लिया है। खास बात यह है कि इनसे एक-दूसरे व्यक्ति से मिलने के तरीके मौलिक रूप से बदल गए हैं। लेकिन अपनी रिसर्च के दौरान हमें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि अपने बढ़े हुए वजन या लुक्स को लेकर इस ऐप को यूज करनेवाले लोगों की बड़ी संख्या अपने वजन को लेकर खुद को कमतर आंकने लगती है।' यह भी पढ़ें: इरिक आगे कहते हैं, उदाहरण के लिए ग्रिंडर ऐप अन्य ऐप्स की तुलना में खुद को रजिस्टर करते वक्त एनोनिमसिटी की सुविधा देता है और इसमें आपको अपनी बॉडी डिटेल भरनी होती है। जैसे, लार्ज, एब्रेज, टोन्ड, मस्कुलर, स्लिम और स्टोकी। हमारी रिसर्च में सामने आया कि ज्यादार लोग इस तरह की डिटेल्स भरते समय खुद को ओवरवेट मानते हुए एक तरह की बीमारी या छोटेपन से ग्रसित मानने लगते हैं। इसका असर उनकी सेक्स लाइफ पर होता है और वे अपने बॉडी वेट और बॉडी शेप के अनुसार इस बात को लेकर परेशान होने लगते हैं कि क्या वे सेक्स और इंटरकोर्स के दौरान ठीक से परफॉर्म कर पाएंगे। स्टडी में यह बात भी सामने आई कि न केवल वेट और लुक को लेकर समलैंगिक लोग हीन भावना से ग्रसित होते हैं बल्कि उनमें अपनी बॉडी को लेकर असंतुष्टि का भाव भी बढ़ने लगता है। इस मामले में ग्रिंडर सिर्फ इस बात में मदद नहीं करता कि यह अपने यूजर्स को डेटिंग और सेक्स पार्टनर से कनेक्ट कराता है। बल्कि अपनी फिजिकल एपियरेंस को लेकर लोगों के मन में चिंता भी पैदा करता है। जबकि यह बात काफी हद तक कैंडिडेट के कल्चर पर डिपेंड करती है। यानी वह कहां का रहनेवाला है। लेकिन इस ऐप पर साथी खोजने के दौरान कैंडिडेट्स अपने लुक्स और एपियरेंस की तुलना अपने एक्पेक्टेड पार्टनर के साथ करने लगते हैं और वेट स्टिग्मै का शिकार होते हैं। यह भी पढ़ें: इरिक बताते हैं, इस रिसर्च में ग्रेटर टोरंटो एरिया के कई शहरों के साथ-साथ आसपास की नगर पालिकाओं के तेरह प्रतिभागियों ने अध्ययन में भाग लिया, जो जर्नल इमेज में दिखाई दिया। वहीं, दूसरी तरफ असंख्य सुरक्षात्मक कारकों और नकल करने के लिए मजबूर प्रतिभागियों ने सुझाव दिया बॉडी शेप को लेकर ग्रिंडर के हानिकारक प्रभाव को कम करने में हम लोगों की मदद की जाए। हालांकि इस शोध में आगे करने के लिए अभी बहुत कुछ बाकी है क्योंकि हमारे पास अभी भी बहुत कम जानकारी है कि डेटिंग ऐप्स ट्रांस और जेंडर-नॉन-फॉर्मिंग लोगों की शारीरिक धारणाओं को कैसे प्रभावित करते हैं।


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