जब बात सर्दी के मौसम की हो, तो अक्सर इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को खाने और पीने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन दिनों बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों के कारण हम बहुत जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। ऐसे में कांजी एक ऐसा प्रोबायोटिक ड्रिंक है, जिसे आप फिट रहने के लिए घर में बड़ी आसानी से तैयार कर सकते हैं। प्रोबायोटिक ड्रिंक होने के कारण यह आपकी आंत की लिए अच्छा और पाचन में भी मददगार है। देखा जाए, तो पारंपरिक रूप से कांजी काली गाजर से बनाई जाता है और इस ड्रिंक का रंग गहरा बैंगनी होता है। लेकिन हर जगह काली गाजर नहीं मिलती, ऐसे में आजकल इसे लाल गाजर, चुकंदर, सरसों, काली मिर्च से तैयार किया जाने लगा है। कई गुणों से भरपूर होने के कारण होली के दौरान भांग शर्बत के साथ इसे वेलकम ड्रिंक के तौर पर सर्व किया जाता है। तो आइए जानते हैं कि कांजी को घर पर कैसे बना सकते हैं और इस ठंड के मौसम में इसका सेवन करना फायदेमंद क्यों है।सर्दी के दिनों में इम्यूनिटी को बरकरार रखने के लिए कांजी एक बहुत अच्छा ड्रिंक है। प्रोबायोटिक होने के कारण यह न केवल आपकी आंत के लिए अच्छा है, बल्कि पाचन में भी मदद करता है।

जब बात सर्दी के मौसम की हो, तो अक्सर इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को खाने और पीने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन दिनों बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों के कारण हम बहुत जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। ऐसे में कांजी एक ऐसा प्रोबायोटिक ड्रिंक है, जिसे आप फिट रहने के लिए घर में बड़ी आसानी से तैयार कर सकते हैं। प्रोबायोटिक ड्रिंक होने के कारण यह आपकी आंत की लिए अच्छा और पाचन में भी मददगार है।
देखा जाए, तो पारंपरिक रूप से कांजी काली गाजर से बनाई जाता है और इस ड्रिंक का रंग गहरा बैंगनी होता है। लेकिन हर जगह काली गाजर नहीं मिलती, ऐसे में आजकल इसे लाल गाजर, चुकंदर, सरसों, काली मिर्च से तैयार किया जाने लगा है। कई गुणों से भरपूर होने के कारण होली के दौरान भांग शर्बत के साथ इसे वेलकम ड्रिंक के तौर पर सर्व किया जाता है। तो आइए जानते हैं कि कांजी को घर पर कैसे बना सकते हैं और इस ठंड के मौसम में इसका सेवन करना फायदेमंद क्यों है।
घर में कांजी बनाने का तरीका

कांजी बनाने के लिए 2 चुकंदर और 4 काली गाजर को छोटे-छोटे क्यूब्स में काट लें। इन्हें पानी और नमक से भरे कांच के जार में डालें। साथ ही दरदरी पिसी हुई सरसों और काली मिर्च भी डाल दें। अब जार को मलमल के कपड़े से ढंक दें। इसे 5-6 दिनों के लिए धूप में रखा छोड़ दें , लेकिन दिन में एक बार जार को हिलाएं। 5-6 दिनों के बाद फर्मेंट हुए रस को एक अलग कांच के जार में छान लें। होममेड कांजी तैयार है। इसे फ्रिज में रख दें और जब आपका मन करें, निकालकर पी लें।
कब्ज को रोके

सर्दियों के मौसम में आमतौर पर हम सभी काफी ऑयली खाना खाते हैं, जिससे कब्ज की समस्या हो जाती है। ऐसे में रोजाना एक गिलास कांजी पीने से पाचन क्रिया दुरूस्त रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, गाजर और चुकंदर में मौजूद फाइबर की अच्छी मात्रा कब्ज को नियंत्रित करने के साथ मल त्याग में भी सुधार करती है।
इंस्टेंट एनर्जी दे

सिलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रूजुता दिवेकर के अनुसार, कांजी कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होती है। खासतौर से सुबह कांजी का एक गिलास पीने से आपको इंस्टेंट एनर्जी मिलती है। इसे पीने के बाद दिनभर में कभी भी आपको चक्कर, कमजोरी , थकावट जैसा महसूस नहीं होगा।
पाचन को बढ़ावा दे-

बता दें कि कांजी घुलनशील फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र में पानी को पूरी तरह से सोखकर जेल जैसे पदार्थ में बदल जाता है। इतना ही नहीं ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखने के लिए भी इसका सेवन बहुत फायदेमंद है।
सूजन कम करे

सर्दी के दिनों में शरीर में सूजन आना सामान्य है। ऐसे में कांजी ड्रिंक पीने से बहुत आराम मिलता है। कांजी शरीर में सूजन से लड़ने में प्रभावी है और इसी तरह यह कई बीमारियों को बढ़ने से रोकता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि कांजी के लिए काली गाजर का उपयोग यूरीनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन को रोकने में कारगार है।
आंखों के लिए फायदेमंद

कांजी ड्रिंक आपकी आंखों के लिए मानो वरदान है। इसमें मौजूद गाजर में एंथोसायनिन होती है, जो आपके विजन और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने के लिए जानी जाती है।
कांजी ड्रिंक तैयार करते समय ध्यान रखें ये बातें

किसी भी फर्मेन्टेड ड्रिंक को अच्छी देखभाल की जरूरत होती है, ताकि इनमें खराब रोगाणु उत्पन्न न हो पाएं। ध्यान रखें कि आपके जार, चम्मच, चॉपिंग बोर्ड या चाकू सभी साफ और सूखे हों।
अगर फर्मेंट होने के बाद ड्रिंक में भयानक गंध आ रही है, तो इसका मतलब है कि ड्रिंक खराब हो गई है।
कांजी में काली और पीली दोनों तरह की सरसों का इस्तेमल कर सकते हैं। हालांकि काली सरसों का स्वाद जरा तीख होता है, इसलिए इसे लगभग 1-1.5 चम्मच ही डालें।
कांजी बनाने के लिए पानी को पहले उबालें और फिर रूम टेम्परेचर पर ठंडा करें। इस तरह से आप कांजी को खराब होने से बचा सकते हैं।
आप ड्रिंक में गाजर और चुकंदर के साथ षलजम और तरबजू के छिलके शामिल कर सकते हैं। बता दें कि पेय में चीनी या स्वीटनर जोडऩे की जरूत नहीं होती।
सर्दियों के दिनों में कांजी एक हेल्दी और टेस्टी ड्रिंक है। लेकिन ध्यान रखें, इसे फंगस लगने से बचाने के लिए अच्छी धूप देना जरूरी है। कांजी को स्टोर करने के लिए कांच के जार के बजाय सिरेमिक जार का उपयोग करना सबसे अच्छा है। यदि कांच के जार का उपयोग कर रहे हैं, तो इसे मलमल या सूती कपड़े से ढंकना अच्छा तरीका है।
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