WHO के मुताबिक, दुनियाभर में एक हफ्ते के अंदर कोरोना वायरस के मामलों में 11 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। वहीं ओमिक्रॉन के कारण जन्मे जोखिम को 'बहुत अधिक' बताया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कई देशों में तेजी से फैल रहे संक्रमण के पीछे की वजह Omicron है। इस मामले में ये डेल्टा से भी आगे निकल चुका है। संगठन के मुताबिक, 'ओमिक्रॉन दो से तीन दिन में ही संक्रमण के मामले दोगुने कर रहा है।'भारत में भी कोविड के साथ ही इसके नए वर्जन यानी ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नए वायरस के कुल मामले 780 के पार हो चुके हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के कुल 77,002 एक्टिव केस हैं। ओमिक्रॉन डबल वैक्सीन ले चुके लोगों को भी संक्रमित कर रहा है। राजधानी दिल्ली में कोरोना के साथ ही ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी करते हुए नाइट कर्फ्यू के साथ ही कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। अगर इन मामलों में इसी तरह की तेजी बरकरार रही, तो अलर्ट को अपग्रेड करते हुए इन पाबंदियों को बढ़ाने की भी योजना है। इसी तरह के कदम कई राज्यों द्वारा उठाए जा रहे हैं ताकि हालात को खराब होने से रोका जा सके। इस बीच सभी को कोविड व ओमिक्रॉन के लक्षणों को लेकर चौन्नना रहने व तुरंत जांच करवाने की जरूरत है।दुनिया में फिर से बढ़ते कोरोना के मामले और उसके नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में आई तेजी को देखते हुए कई देशों में बूस्टर डोज की शुरुआत की जा चुकी है। नया वायरस उन लोगों में भी पाया जा रहा है, जिन्हें वैक्सीन के दोनों डोज़ लग चुके हैं। अब तक सामने आए लक्षणों के साथ ही कुछ ऐसे लक्षण भी दिखाई दिए हैं, जो उतने कॉमन नहीं हैं।

WHO के मुताबिक, दुनियाभर में एक हफ्ते के अंदर कोरोना वायरस के मामलों में 11 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। वहीं ओमिक्रॉन के कारण जन्मे जोखिम को 'बहुत अधिक' बताया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कई देशों में
तेजी से फैल रहे संक्रमण के पीछे की वजह Omicron है
। इस मामले में ये डेल्टा से भी आगे निकल चुका है। संगठन के मुताबिक, 'ओमिक्रॉन दो से तीन दिन में ही संक्रमण के मामले दोगुने कर रहा है।'
भारत में भी कोविड के साथ ही इसके नए वर्जन यानी ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नए वायरस के कुल मामले 780 के पार हो चुके हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के कुल 77,002 एक्टिव केस हैं। ओमिक्रॉन डबल वैक्सीन ले चुके लोगों को भी संक्रमित कर रहा है। राजधानी दिल्ली में कोरोना के साथ ही ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी करते हुए नाइट कर्फ्यू के साथ ही कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। अगर इन मामलों में इसी तरह की तेजी बरकरार रही, तो अलर्ट को अपग्रेड करते हुए इन पाबंदियों को बढ़ाने की भी योजना है। इसी तरह के कदम कई राज्यों द्वारा उठाए जा रहे हैं ताकि हालात को खराब होने से रोका जा सके। इस बीच सभी को
कोविड व ओमिक्रॉन के लक्षणों
को लेकर चौन्नना रहने व तुरंत जांच करवाने की जरूरत है।
ओमिक्रॉन के मामले माइल्ड, लेकिन चौकन्ना रहें

यूके और साउथ अफ्रीका में हुए शुरुआती अध्ययनों में सामने आया है कि ओमिक्रॉन भले ही माइल्ड हो, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि ये संक्रमित नहीं करेगा। इसके केस भारत के साथ ही दुनिया के कई देशों में लगातार बढ़ रहे हैं। नया साल बस कुछ ही दिन दूर है, ऐसे में संक्रमण की रफ्तार को कम करने के लिए नाइट कर्फ्यू से लेकर पाबंदियां तो लगा दी गई हैं, लेकिन इस सबके बीच में एहितायत बरतना बेहद जरूरी है। अगर आपको
COVID-19 से जुड़े कोई भी लक्षण
दिखाई देते हैं, तो और ज्यादा सतर्क हो जाना व टेस्ट करवाने की जरूरत है।
वैक्सीन लगा हो, फिर भी चौकन्ना रहना जरूरी

कोविड-19 वैक्सीन SARs-COV-2 वायरस से भी बचाव करने में मददगार है। हालांकि, डेटा के मुताबिक novel coronavirus पूरी तरह से वैक्सिनेटिड लोगों में भी फैल सकता है। पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आए, जिनमें से कुछ में लोगों पर इसका हल्का असर दिखा, तो कुछ का शरीर इससे लड़ नहीं सका।
कहा जा रहा है कि, ओमिक्रॉन वेरिएंट वैक्सीन से मिलने वाली इम्यूनिटी को भी भेदने में कामयाब हो जाता है। वैज्ञानिकों का मनना है कि स्पाइक प्रोटीन में इसके 30+ म्यूटेशन होने के कारण ये 'इम्यून एस्केप मैक्निज्म' डेवलप कर लेता है। ताजा अध्ययनों में भी ये बताया गया है कि संभवत: कुछ COVID vaccines नए वेरिएंट पर असरदार साबित न हों, इसलिए
बूस्टर वैक्सिनेशन
की आवश्यकता है, जो बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकें।
इसके अलावा एक्सपर्ट्स ने जरूरी एहतियात बरतने का सुझाव देते हुए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड हाइजीन जैसे
COVID-appropriate behavior
को फॉलो करने के लिए कहा है।
आम सर्दी-जुखाम नहीं ओमिक्रोन ने जकड़ लिया है शरीर, अगर दिखने लगे हैं ऐसे लक्षण
गले में खराश और बदन दर्द? ये कोविड हो सकता है

साउथ अफ्रीका में सबसे पहले जब ओमिक्रॉन पाया गया था, तो वहां के मेडिकल एसोसिएशन की चेयरपर्सन डॉ. एंजेलिक कोएट्ज़ी ने बताया था कि इससे प्रभावित हुए लोगों में ज्यादा गंभीर लक्षण व प्रभाव नहीं पाए गए। World Health Organization ने भी इस बात पर सहमति जाहिर करते हुए बयान जारी किया था कि
Delta वेरिएंट
के मुकाबले नया वायरस कम घातक है।
डॉक्टर कोएट्जी के अनुसार, जिन लोगों में ओमिक्रॉन पाया गया, उन्होंने
गले में दर्द
की जगह 'खराश' होने की शिकायत की, जो असामान्य है। ये दोनों लक्षण भले ही कुछ हद तक एक जैसे हों, लेकिन इनमें से एक गले में इरिटेशन महसूस होता है, तो दूसरे में दर्द ज्यादा होता है।
दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग के जनरल प्रैक्टिशनर डॉ. उनबेन पिल्ले ने एक और लक्षण के बारे में सूचित किया, जिसमें
ओमिक्रॉन से संक्रमित होने पर व्यक्ति को रात में बहुत पसीना आने और शरीर में ज्यादा दर्द
का अनुभव हो सकता है।
ये सभी लक्षण ठंड लगने या जुकाम होने के कारण भी दिख सकते हैं, लेकिन डॉक्टर तुरंत
RT-PCR test
करवाने व लोगों से दूरी बना लेने की सलाह देते हैं। जब तक कि टेस्ट के रिजल्ट नेगेटिव न आ जाएं, तब तक उन्हें खुद को आइसोलेट करने के लिए कहा जाता है।
ओमिक्रॉन के असामान्य लक्षण

अगर आपको अपनी तबीयत सही नहीं लग रही है, या ऊपर दिए गए कोई भी लक्षण दिखाए देते हैं, तो तुरंत टेस्ट करवाएं और किसी भी तरह की पार्टी या फिर गैदरिंग का हिस्सा बनने से बचें। बुखार, खांसी, थकान, दर्द और खराश जहां Omicron Symptoms हो सकते हैं, वहीं इसके साथ कुछ ऐसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं, जो असामान्य हैं।
लंदन के किंग्स कॉलेज के जेनेटिक एपिडेमियोलॉजी डिपार्टमेंट में प्रफेसर टिम सपेक्टर के मुताबिक, पूरी तरह से
वैक्सीनेटिड या फिर बूस्टर लगवाने वाले लोगों को ओमिक्रॉन के दो असामान्य लक्षण, उल्टी जैसा होना और भूख न लगना
, का अनुभव हो सकता है। उन्होंने बताया कि इससे संक्रमित कुछ लोगों ने 'हल्के बुखार, उल्टी जैसा होने, गले में दर्द और सिरदर्द की शिकायत की।' वहीं कुछ को उल्टियां भी हुईं।
Experts ने बताए बुरे समय के लिए कैसे रहें तैयार, ओमीक्रोन से बचाने के लिए क्या एहतियात बरतें
नए साल पर रहें सुरक्षित

फेस्टिव सीजन में सेलिब्रेशन भले ही मायने रखता हो, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी आपका स्वास्थ्य है। भले ही आप नए साल पर अपनों के साथ समय बिताना चाहते हों, लेकिन इस दौरान भी लापरवाही न बरतें।
कोरोना व ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते मामले
देखते हुए साफ है कि अभी सभी को सतर्क व सुरक्षित रहने की कितनी ज्यादा जरूरत है। भले ही आपने वैक्सीन लगवा लिया हो, लेकिन फिर भी कुछ ऐसा कदम उठाने से बचें, जो आपको रिस्क में डाले।
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