हेपेटाइटिस (Hepatitis) लिवर से संबंधित बीमारी है। इस बीमारी में अलग-अलग स्टेज पर अलग तरह की समस्याएं होती हैं। जैसे लिवर में सूजन, लिवर सिरोसिस, लिवर में जख्म होना, कैंसर आदि। इस बीमारी का यदि समय पर इलाज ना हो पाए तो यह मौत का कारण बन जाती है। यहां जानें इस बीमारी से जुड़ी जरूरी बातें... अभी तक हेपेटाइटिस-ए और बी से संबंधित केस ही अधिक देखने को मिलते थे। लेकिन आज के समय में हेपेटाइटिस बी और सी के केस अधिक देखने को मिल रहे हैं। लंबे समय से हेपेटाइटिस-सी के वायरस की पुख्ता पहचान नहीं हो पाई थी। लेकिन अब यह काम तीन मेडिकल सायंटिस्ट्स की मेहनत से पूरा हो चुका है और अपने इस शोध के लिए इन तीनों वैज्ञानिकों को मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार-2020 दिया जा रहा है। हेपेटाइटिस से जुड़ी बातें -अभी तक हेपेटाइटिस-सी के वायरस के बारे में पूरी जानकारी उस तरह उपलब्ध नहीं थी, जिस तरह हेपेटाइटिस-ए और बी के बारे में थी। इसलिए यह बात लंबे समय से सामने आ रही थी कि ए और बी टाइप के अतिरिक्त भी इस बीमारी के लिए कोई और कारण जिम्मेदार है। लेकिन यह कारण क्या इस बारे में संपूर्ण जानकारी का अभाव था। हालांकि इस अन्य कारण को हेपेटाइटिस-सी का नाम काफी पहले दिया जा चुका था। - हेपेटाइटिस-सी के वायरस के बारे में जरूरी जानकारी और इस वायरस की खोज का काम अमेरिका के मेडिकल सायंटिस्ट हार्वे जे ऑल्टर और चार्ल्स एम. राइस के साथ ही ब्रिटिश मूल के सायंटिस्ट माइकल ह्यूटन ने किया है। अब इन तीनों को संयुक्त रूप से फिजियॉलजी 2020 के तहत चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। इतने प्रकार की होती है हेपेटाइटिस -हेपेटाइटिस बीमारी एक है लेकिन इसके कई अलग-अलग प्रकार होते हैं। ये प्रकार अलग-अलग वायरस के कारण होते हैं। हेपेटाइटिस बीमारी पांच अलग तरह के वायरस के कारण होती है और इन्हीं वायरस के आधार पर इस बीमारी को हेपेटाइटिस -ए, बी, सी, डी और ई का नाम दिया जाता है। कैसे पता लगता है बीमारी के बारे में? -हेपेटाइटिस की बीमारी और इसके वायरस के बारे में ब्लड टेस्ट के बाद ही पता किया जा सकता है और इसी जांच के आधार पर इस बीमारी का उपचार किया जाता है। -जैसे ही आपको इस बीमारी के बारे में पता चले आपको तुरंत पूरी गंभीरता के साथ इसका इलाज कराना चाहिए। क्योंकि इलाज में देरी इस बीमारी की गंभीरता को बढ़ाती रहती है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि हर साल 4 लाख से अधिक लोग इस बीमारी के कारण मौत का शिकार हो जाते हैं। हेपेटाइटिस के कारण -हेपेटाइटिस की बीमारी एक प्रकार का संक्रामक रोग है। यह संक्रमित पानी के जरिए भी फैलता है। हालांकि इसका संक्रमण मुख्य रूप से रक्त के जरिए फैलता है। इसलिए आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए जैसे... -सुनिश्चित करें कि जिस पानी का सेवन आप कर रहे हैं, वह साफ होना चाहिए। -किसी स्थिति में रक्त लेने की जरूरत पड़े तो हेपेटाइटिस की जांच के बाद ही रक्त लेना सुनिश्चित करें। -किसी दूसरे व्यक्ति का शेविंग रेजर उपयोग में ना लाएं। -टैटू बनवाते समय निडिल की हाइजीन का ध्यान रखें। निडिल को पूरी तरह साफ और डिसइंफेक्शन किया गया हो। -असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचें। यह भी हेपेटाइटिस का संक्रमण फैलने की वजह बन सकती है। -यदि गर्भवति महिला को हेपेटाइटिस की समस्या हो तो यह संक्रमण उसके बच्चे में भी ट्रांसफर हो सकता है। हेपेटाइटिस के लक्षण -लिवर में सूजन और इंफेक्शन होना -लिवर सिरॉसिस -क्रॉनिक इंफ्लेमेशन -त्वचा और आंखों में पीलापन बढ़ना -थकान रहना -भूख की कमी होना -जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द रहना इलाज से जुड़ी बातें - आपकी सतर्कता आपको मुश्किल से बचा सकता है। यहां बताए गए लक्षण यदि आपको खुद में नजर आते हैं तो आपको अपनी तुरंत जांच करानी चाहिए। -समय रहते सही इलाज मिलने से यह बीमारी गंभीर रूप नहीं ले पाती है। इस बीमारी से बचाव के लिए आप यहां बताई गई सावधानियों का पालन करें और साथ ही अपनी डायट पर ध्यान दें। -इस बीमारी के बारे में बात करते हुए डॉक्टर चरणजीत सिंह कहते हैं कि सही डायट, ऐक्टिव लाइफस्टाइल, योग, एक्सर्साइज और वॉक के माध्यम से आप खुद को फिट रखें। क्योंकि स्वस्थ शरीर पर किसी भी तरह के वैक्टीरिया और वायरस हावी नहीं हो पाते हैं।
from Health Tips in Hindi , natural health tips in hindi, Fitness tips, health tips for women - डेली हेल्थ टिप्स, हेल्थ टिप्स फॉर वीमेन | Navbharat Times https://ift.tt/2SLJiq9
via IFTTT



No comments:
Post a Comment