जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या होती है, उन्हें अपनी डायट को लेकर खास सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। क्योंकि फैटी लिवर वाले लोगों को पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं अक्सर होती रहती हैं। इनमें पॉटी ठीक से ना होना, पेट में गैस बनना, लगातार एसिडिटी रहना जैसी समस्याएं शामिल हैं। यहां जानें फैटी लिवर की समस्या से निपटने के तरीके... क्या होता है फैटी लिवर? -जैसा कि नाम से ही साफ है कि फैटी लिवर की समस्या लिवर में फैट जमा होने से संबंधित है। हमारे भोजन के जरिए शरीर में जानेवाला फैट अलग-अलग अंगों में जमा होना सामान्य प्रक्रिया होती है। -लेकिन जब लिवर में बहुत अधिक फैट जमा होने लगता है तो उसकी कार्यप्रणाली में बाधा आने लगती है। इस कारण लिवर भोजन का पाचन संबंधी कार्य सही तरीके से नहीं कर पाता है। -लिवर मुख्य रूप से खाने से प्राप्त होनेवाले रस से ऊर्जा का उत्पादन करने का कार्य करता है। साथ ही ब्लड प्यूरिफिकेशन और सप्लाई से जुड़े जरूरी काम करता है। -लेकिन जब लिवर पर अतिरिक्त फैट जमा होने का दबाव पड़ता है तो वह ऊर्जा उत्पादन का काम सही प्रकार से नहीं कर पाता है। इससे फैटी लिवर वाले व्यक्ति बहुत जल्दी खुद को थका हुआ महसूस करने लगते हैं। दो प्रकार का होता है फैटी लिवर -फैटी लिवर की समस्या मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। इनमें अल्कोहॉलिक फैटी लिवर और नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर की समस्या होती है। -अल्कोहॉलिक फैटी लिवर (Alcoholic Fatty Liver) की समस्या उन लोगों में देखने को मिलती है, जो लोग नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं। -नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर की समस्या अधिक लोगों में देखने को मिलती है। जिन लोगों को हाइपरटेंशन (हाई पीबी) शुगर (डायबिटीज), लिवर सिरोसिस इत्यादि की समस्या होती है। इस बीमारी में रोगी के लिवर में सूजन और घाव की समस्या हो सकती है। -जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या होती है, उन्हें अक्सर पेट दर्द की समस्या परेशान करती है। इन लोगों को पेट में नाभि के ऊपर के हिस्से में दर्द होता है। -फैटी लिवर के कारण पेट पर सूजन की समस्या हो सकती है। पेट में भारीपन और कठोरता की समस्या हो सकती है। -फैटी लिवर के कारण त्वचा और आंखों का रंग में पीलापन बढ़ सकता है। इन लोगों को अपने वजन में भी कमी का अहसास हो सकता है। फैटी लिवर का उपचार -फैटी लिवर की समस्या को सही खान-पान के साथ नियंत्रित किया जा सकता है। यदि समस्या अधिक गंभीर है तो डॉक्टर आपके लिवर और आपकी सेहत की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आपको दवाइयां दे सकते हैं। -ऐक्टिव लाइफस्टाइल के साथ भी आप पेट पर आनेवाली सूजन और पेट में होनेवाली कठोरता को नियंत्रित कर सकते हैं। नियमित रूप से वॉक करना और योग करना आपको लाभ देगा।
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