कैसे होती है लंग कैंसर की जांच, संजय दत्त को क्यों दी गई काउंसलिंग? - Kal Se Aaj Tak News

“समय के साथ”

Breaking

Home Top Ad

Web hosting

Post Top Ad

Join us to kalseaajtaknew.blogspot.com

Thursday, August 13, 2020

कैसे होती है लंग कैंसर की जांच, संजय दत्त को क्यों दी गई काउंसलिंग?

संजय दत्त को लंग कैंसर (Lung Cancer Stage-3) होने की पुष्टि हो चुकी है। खुद संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने ही इस बारे में सोशल मीडिया के जरिए जानकारी सार्वजनिक की थी। आपको बता दें कि इससे पहले संजय दो दिन तक हॉस्पिटल में एडमिट रहे थे, इस दौरान उनके लंग्स से निकाले गए फ्लूड के बाद पता चला कि उन्हें लंग कैंसर है और यह कैंसर तीसरे चरण में है...

इस कैंसर को सर्जरी से तो नहीं निकाला जा सकता लेकिन संजय दत्त कीमोथेरपी के जरिए ठीक हो सकते हैं। इसलिए उनके स्वास्थ्य की कामना कीजिए और यहां जानिए कि लंग कैंसर की जांच करने के लिए डॉक्टर्स किन तरीकों का उपयोग करते हैं, साथ ही यह भी आखिर लंग कैंसर कंफर्म होने के बाद ऑन्कोलॉजिस्ट से पहले संजय दत्त को मनोवैज्ञानिक से क्यों मिलवाया गया...

हमने आपको लंग कैंसर के लक्षणों के बारे में बताया था कि जब किसी व्यक्ति को लंग कैंसर होता है तो उसके शरीर में किस तरह के लक्षण दिखते हैं और उसे किस तरह की समस्याएं होती हैं। यदि आपने यह स्टोरी नहीं पढ़ी है तो

यहां क्लिक करके इसे पढ़ सकते हैं

। अब जानते हैं कि लंग कैंसर की जांच कैसे की जाती है...

लंग कैंसर को जांचने और इस बात को पुख्ता करने के लिए कि यह कैंसर ही है या कुछ और है, एक के बाद एक कई टेस्ट किए जाते हैं। इनमें सबसे पहले सीटीस्कैन किया जाता है। इसके माध्यम से यह पता चलता है कि कहां क्या है। यानी फेफड़ों में जो दिक्कत है वो कहां है और किस तरह की है।

- इसके बाद नंबर आता है पेट स्केन (PET- Positron Emission Tomography) का। इस टेस्ट के माध्यम से यह पता चलता है कि अगर फेफड़ों में कैंसर ही है तो यह कहां तक फैला है।

-फिर की जाती है बायोप्सी और साइटॉलजी। इनसे पता चलता है कि कैंसर किस तरह का है। जैसे कुछ कैंसर एडिनोकॉर्सिनोमा होते हैं और कुछ स्क्वैमस सेल कॉर्सिनोमा (

Squamous cell carcinoma

) होते हैं। इन्हीं के आधार पर व्यक्ति का प्रोग्नॉसिस तैयार किया जाता है।

-यह सवाल आपके मन में आ सकता है कि आखिर एक मरीज के बारे में यह पता चलने के बाद कि उसे कैंसर है, उसकी काउंसलिंग क्यों की जाती है। तो इसका जवाब है, बीमारी के साथ ही इलाज से जुड़ी हर प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए। ताकि मरीज रोग से लड़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो सके।

- काउंसलर मरीज को बताते हैं कि ये क्या बीमारी है, जैसे अगर संजय दत्त के केस की बात करें तो उनको लंग कैंसर स्टेज-3 डाइग्नॉज हुआ। ऐसे में काउंसलिंग के दौरान डॉक्टर उन्हें यह बताते हैं कि बीमारी की वास्तविक स्थिति क्या है, इसका किस तरह ट्रीटमेंट किया जाएगा, ट्रीटमेंट के बाद रिकवरी के कितने चांसेज हैं, इस दौरान जो दवाइयां दी जाएंगी या जो प्रॉसेस अपनाई जाएगी उसके क्या साइडइफेक्ट्स हो सकते हैं

-इन साइड इफेक्ट्स को ठीक होने में कितना समय लगेगा, किस-किस तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कितने समय तक इलाज चलेगा और इस इलाज में पैसा कितना खर्च आएगा। इसी को बीमारी की प्रॉग्नोसिस कहते हैं।

-आमतौर पर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी डाइग्नॉज होने के बाद पेशंट बहुत अधिक घबरा जाते हैं। उनमें नींद नहीं आना, घबराहट होना, एंग्जाइटी होना जैसी दिक्कतें होना बहुत सामान्य है। इसलिए पेशंट को डाइग्नॉसिस के बाद काउंसलिंग सेशन देते हैं ताकि वह इलाज के लिए मानसिक रूप से तैयार हो सके। ऐसा नहीं है कि काउंसलिंग किसी स्पेशल पेशंट को दी जाती है, बल्कि ऐसी घातक बीमारी से जूझनेवाले लगभग हर पेशंट को काउंसलिंग दी जाती है।

-मेडिकल की दुनिया में ऐसी कोई तकनीक नहीं अपनाई जाती है, जिसका मरीजों को लाभ ना हो। काउंसलिंग के बाद मरीज मानसिक रूप से मजबूत रहता है। उसे इलाज की प्रक्रिया के बारे में पता रहता है, इसलिए वह एक के बाद एक जांच के लिए तैयार रहता है।

-यदि पेशेंट अपने इलाज के दौरान होनेवाली लंबी-चौड़ी प्रक्रियाओं के लिए तैयार ना रहे तो उसकी इम्युनिटी कमजोर होने की संभावना रहती है। जी हां, यदि बीमारी से जूझते समय व्यक्ति मानसिक रूप से तैयार नहीं रहता है तो उसकी रोगप्रतिरोधक क्षमता पर इसका बुरा असर पड़ता है।

Sanjay Dutt Lung cancer: क्यों होता है लंग कैंसर और क्या होती है स्टेज-3, जानें जरूरी बातें



from Health Tips in Hindi , natural health tips in hindi, Fitness tips, health tips for women - डेली हेल्थ टिप्स, हेल्थ टिप्स फॉर वीमेन | Navbharat Times https://navbharattimes.indiatimes.com/lifestyle/health/process-of-cancer-diagnosis-lung-cancer-stage-three-why-counselling-is-necessary-after-diagnosis-in-hindi/articleshow/77522767.cms
via IFTTT

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Web hosting

Pages