हमारे देश में कोरोना वायरस का रिकवरी रेट अच्छा चल रहा है, बावजूद इसके वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हमारे देश में बुधवार तक जारी ताजा आंकड़ों को मिलाकर अब तक देश में 23 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और 46 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। यह तो देश का हाल है, यदि दिल्ली की बात करें तो यहां कोरोना के मामलों में फिर से नया उछाल देखने को मिल रहा है... बुधवार (12 अगस्त) को देश के एक और केंद्रीय मंत्री की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। ये हैं आयुष मंत्री श्रीपद नाइक। इनका स्वास्थ्य ठीक है और इन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हो रही है, इसलिए इन्होंने होम आइसोलेशन में रहने का निर्णय किया। यानी घर में रहते हुए ही, खुद को सबसे अलग रखना और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करना। हमने आपको बीते दिनों विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी की गई चेतावनी के बारे में बताया था, जिसमें WHO ने साफ कहा है कि पिछले 4 महीनों में युवाओं के बीच कोरोना का संक्रमण 3 गुना बढ़ चुका है। इस इंफेक्शन की ग्रोथ का कारण युवाओं द्वारा मास्क ना पहनना, नाइट पार्टीज का आयोजन करना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करना जैसी बातें हैं। युवाओं के लिए क्यों चितिंत है WHO? -विश्व स्वास्थ्य संगठन युवाओं में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए दो बातों से परेशान है। पहली बात तो यह कि अगर हमारी युवा पीढ़ी इस वायरस की चपेट में इसी तरह आती रहेगी तो उसकी शारीरिक और मानसिक सेहत से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। -जो कि उनके करियर, उनकी फैमिली लाइफ और उनकी अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए भी काफी बुरा होगा। कोरोना संक्रमण होने पर ठीक होनेवाले लोगों में बढ़ता रिकवरी रेट यह जरूर बताता है कि इस वायरस को हराया जा सकता है। लेकिन यह वायरस शरीर से जाने के बाद भी इसे कई अन्य बीमारियों से ग्रसित कर जाता है। इनमें हार्ट, लिवर, किडनी और ब्रेन से जुड़ी बीमारियां शामिल हैं। और विकराल हो सकता है संक्रमण -युवाओं में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बात को लेकर भी चिंतित है कि यदि इस युवा पीढ़ी के बीच संक्रमण की दर इसी तरह आगे बढ़ती रही तो ये युवा कोरोना वायरस के दूसरे बड़े अटैक का कारण बन सकते हैं। यदि संक्रमण की दूसरी लहर आती है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इसका असर उन लोगों पर नहीं होगा, जो इससे पहले संक्रमित हो चुके हैं! -संक्रमण की दूसरी लहर आने पर मरनेवाले लोगों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि युवा ना केवल अपनी सेहत और अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतें। बल्कि अपने पैरंट्स और आस-पास के लोगों के जीवन की सुरक्षा को निश्चित करने के लिए भी कोरोना से जुड़े नियमों का पालन करें। दिल्ली में बढ़त का कारण -विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के बढ़ते केसेज के बारे में जो बात कही, वह पूरी दुनिया से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर है। अगर हम सिर्फ दिल्ली की बात करें तो बुधवार को एक बार फिर 1 हजार से अधिक ताजा मामले सामने आए। ऐसे में मन में यह प्रश्न उठना जरूरी है कि आखिर क्यों एक बार फिर दिल्ली में संक्रमण का ग्राफ बढ़ने लगा है... -दिल्ली में जबसे कुछ शर्तों के साथ अनलॉक किया गया है, उसके बाद से कोरोना के मामलों में फिर से उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में कहा जा सकता है कि घर के बाहर अधिक एक्सपोजर मिलने से भी कोरोना संक्रमण फैल रहा है। -केवल भारत या दिल्ली में ही नहीं बल्कि युवा पूरी दुनिया में ही इस वायरस को लेकर बचाव से जुड़े नियमों का उलंघन करते हुए देखे जा सकते हैं। ऐसे में अगर ये अपनी कम उम्र के कारण एसिम्प्टोमेटिक हो जाएं तो इन्हें तो बीमार होने का पता नहीं चलेगा लेकिन इनके परिवार के सदस्य इस वायरस की चपेट में आसानी से जाएंगे।
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