बिजी लाइफ और बदलते लाइफस्टाइल के चलते अब हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या में भी काफी तेजी आई है। इनमें भी ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। दरअसल, सीने में हो रहे हल्के दर्द को भी महिलाएं अक्सर इग्नोर कर देती हैं, जो हार्ट अटैक का एक अहम लक्षण है। हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे के रूप में मनाया जाता है। आइए, इस दिन जानते हैं अपने दिल और उसकी सेहत से जुड़ी कुछ ऐसी बातें, जो सेहतमंद दिल के लिए बेहद जरूरी हैं... अमेरिका में हुए एक रिसर्च के मुताबिक, सीने में हो रहे सामान्य दर्द को नजरअंदाज करने की वजह से हार्ट अटैक की समस्या ज्यादा बढ़ रही है। इसमें जहां 42 फीसदी पुरुष सीने में दर्द की शिकायत के साथ हॉस्पिटल पहुंचे हैं, तो वहीं 30.7 प्रतिशत महिलाएं सीने में दर्द की शिकायत लेकर हॉस्पिटल पहुंची हैं। इस वजह से हार्ट अटैक के कारण महिलाओं की डेथ पुरुषों के मुकाबले 41 फीसदी ज्यादा होती है। इसकी खास वजह महिलाओं में दर्द कम होना या सहने की जबर्दस्त क्षमता का होना है। जनरल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल असोसिएशन में पब्लिश एक रिसर्च के मुताबिक, हार्ट अटैक के दौरान सीने में उठने वाले दर्द को महिलाएं आसानी से सह जाती हैं। यह भी पढ़ें: लाइफस्टाइल और तनाव के चलते बिजी लाइफस्टाइल और एक साथ कई काम के प्रेशर की वजह से जिंदगी में स्ट्रेस में आना कोई बड़ी बात नहीं है। महिलाएं इसकी चपेट में ज्यादा आती हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक, बदलते लाइफस्टाइल और तनाव के चलते कम उम्र में ही महिलाएं हार्ट प्रॉब्लम की शिकार हो रही हैं। इस बार में कार्डियॉलजिस्ट बताते हैं कि हार्ट डिजीज कोई भी हो, इससे जान का खतरा होता है। आंकड़ों पर नजर डालें, तो हर एक मिनट में एक डेथ दिल की बीमारी से होती है। अब 30 के बाद ही प्रॉब्लम शुरू मोटापा और फिजिकल वर्क ना करना हार्ट अटैक की बड़ी वजहें हैं। पानी की कमी के चलते भी हार्ट से जुड़ी प्रॉब्लम हो सकती है। इससे ब्लड थिक हो जाता है और हार्ट अटैक के चांस बढ़ जाते हैं। इसकी एक वजह लाइफ स्टाइल भी है। जंक फूड, एक्सरसाइज और प्रॉपर नींद न लेना टेंशन की वजह बनते हैं, जो दिल की बीमारी को इन्वाइट करती है। कार्डियोलॉजिस्ट कहते हैं कि पहले हार्ट अटैक 40 साल के बाद ही पड़ता था, लेकिन अब 30 के बाद ही महिलाएं इसकी चपेट में आने लगी हैं। लक्षण हार्ट अटैक होने का सबसे नॉर्मल सिम्पटम सीने में दर्द या बेचैनी है। देखा गया है कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से बिल्कुल अलग होते हैं। • सुबह उठते ही दर्द होना। • नींद कम आना। भले ही कितनी थकावट हो, अच्छी नींद नहीं आती। • पेट दर्द, पेट में ऐंठन, डाइजेशन में प्रॉब्लम। • कान, गर्दन और कंधे का दर्द। • सीढ़ी चढ़ने या रूटीन वर्क करने में सांस फूलती है। यह भी पढ़ें: बचाव • अगर आपको डायबिटीज है तो उसे कंट्रोल करना जरूरी है। आपका फास्टिंग ब्लड शुगर 100 एमजी/ डीएल से नीचे होना चाहिए और खाने के दो घंटे बाद उसे 140 एमजी से नीचे होना चाहिए। इसके लिए रेग्युलर एक्सरसाइज करें और डाइट में फाइबर को शामिल करें। • सलाद, सब्जियों और फलों का प्रयोग ज्यादा करें। ये फाइबर देंगे और गुड कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मददगार होंगे। • रोज 30 मिनट का योग व एक्सरसाइज जरूरी है। • बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई 25 से नीचे रहना चाहिए। यह भी पढ़ें:
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